About Us
Krishna JI
Who We Are
Shri Krishna
His divine birth to save the world from the tyrannical King Kamsa, his mischievous childhood and youth in Gokula and Vrindavan, where he performed miracles and protected the people
बड़ी सफलता चाहते हैं तो योजना बनाए बिना काम की शुरूआत न करें
जब भगवान विष्णु श्रीकृष्ण रूप में अवतार लेने वाले थे। देवकी और वसुदेव कंस की कैद में थे। कंस ने देवकी-वसुदेव की 6 संतानों का वध कर दिया था। सातवीं संतान के रूप में बलराम देवकी के गर्भ में आए तो भगवान विष्णु ने योगमाया से कहा था कि आप इस सातवीं संतान को देवकी के गर्भ से निकाल कर वसुदेव जी की दूसरी पत्नी रोहिणी के गर्भ में स्थापित कर दो। इसके बाद कंस को ये सूचना दी जाएगी कि सातवां गर्भ गिर गया है।
योगमाया ने ऐसा ही किया। इसके बाद जब आठवीं संतान के जन्म का समय आया तो भगवान ने योगमाया से कहा कि अब मेरे अवतार लेने का समय आ गया है। जब मेरे अवतार का जन्म होगा, ठीक उसी समय आप आप गोकुल में यशोदा के गर्भ से जन्म लेना। वसुदेव जी कंस के कारागर से निकालकर मुझे गोकुल पहुंचाएंगे और आपको लेकर कंस के कारागार में आ जाएंगे। जब कंस आठवीं संतान को मारने के लिए आएगा तब आप मुक्त हो जाना।
भगवान ने जो योजना बनाई थी, उसी के अनुसार श्रीकृष्ण का अवतार हो गया।
ऐसे काम न करें, जिनकी वजह से गलत लोगों की ताकत बढ़ती है
बाल कृष्ण माखन चोरी की लीला कर रहे थे। गोकुल के इस वजह से काफी परेशान थे। एक दिन गांव के नंद बाबा और यशोदा के पास पहुंचे और कान्हा की शिकायत करने लगे।
नंद बाबा ने कृष्ण से पूछा कि तुम माखन चोरी क्यों करते हो, जबकि हमारे घर में तो बहुत माखन है।
कृष्ण ने कहा कि आप लोग मेहनत से दूध, दही, घी, माखन तैयार करते हैं और फिर ये चीजें कर के रूप में दुष्ट कंस को दे देते हैं और इस वजह से गांव के बच्चों को माखन नहीं मिलता है। आपके इस काम से कंस की ताकत लगातार बढ़ रही है। अगर आप कंस को कर देना नहीं रोकेंगे तो मैं तोड़-फोड़ करता रहूंगा। ताकि ये माखन कंस के पास न पहुंचे और गांव के बच्चों को मिल सके।